गोरखपुर: आखिरकार सारी अटकलों पर विराम लग ही गया. पूर्व मंत्री जमुना निषाद की पत्नी और पिपराइच से सपा की दो बार पूर्व विधायक रहीं राजमती निषाद ने बेटे और लोहिया वाहिनी के राष्ट्रीय सचिव रहे अमरेंद्र निषाद के साथ साइकिल से उतरकर कमल का दामन थाम लिया. राजधानी लखनऊ में बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष डा. महेन्द्र नाथ पांडे ने मुख्यालय पर दोनों को पार्टी की सदस्यता दिलाई. पूर्व मंत्री रहे स्व. जमुना निषाद बीजेपी और सीएम योगी के धुर विरोधी रहे हैं. उन्होंने साल 1999 के लोकसभा चुनाव में वर्तमान सीएम योगी आदित्यनाथ को कड़ी टक्कर दी थी.
मंगलवार को सीएम योगी आदित्यनाथ से सर्किट हाउस में मुलाकात के बाद गोरखपुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात के बाद से ही दोनों के बीजेपी में जाने के संकेत मिल गए थे. माना जा रहा है कि बीजेपी इन्हें गोरखपुर लोकसभा क्षेत्र से टिकट देकर निषाद वोट बैंक साधने की कोशिश कर सकती है.
आपस में मारपीट करने वाले सांसद और विधायक को प्रदेश अध्यक्ष ने लगाई फटकार
निषाद वोट बैंक के बल पर ही समाजवादी पार्टी से लोकसभा उपचुनाव में प्रत्याशी रहे प्रवीण निषाद ने बीजेपी के उपेंद्र दत्त शुक्ला को हराकर बड़ा उलटफेर किया है. यही वजह है कि उपचुनाव में निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा. संजय निषाद के बेटे सपा प्रत्याशी प्रवीण निषाद की जीत के बाद राजमती निषाद और अमरेंद्र निषाद हाशिए पर जाते दिख रहे थे.
बुधवार को मीडिया से बात करते हुए अमरेन्द्र निषाद ने बीजेपी में जाने के संकेत दे दिए थे. उन्होंने कहा था कि वे कोई बड़ा फैसला लेने वाले हैं. लेकिन, उन्होंने पत्ते नहीं खोले थे. सीएम योगी से मुलाकात के बाद से यह साफ हो गया था, ऐसा ही कुछ होने वाला है.
लखनऊ: कश्मीरी युवकों की पिटाई के मामले में चार आरोपी गिरफ्तार किए गए
आखिरकार गुरुवार को लखनऊ में बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष डॉक्टर महेंद्र नाथ पांडे ने उन्हें भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता दिला दी. राजमती निषाद और उनके बेटे अमरेंद्र निषाद के बीजेपी में जाने की चर्चा इसलिए भी हो रही है, क्योंकि साल 1999 में स्वर्गीय जमुना निषाद ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लोकसभा चुनाव में कड़ी टक्कर दी थी.
वोटों का अंतर महज 7000 रहा था. समाजवादी पार्टी में स्व. जमुना निषाद की अच्छी साख रही है. हर साल होने वाले उनकी पुण्यतिथि कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री सपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव और वर्तमान अध्यक्ष उनके बेटे अखिलेश यादव सम्मिलित होते रहे हैं.
वाराणसी में पीएम मोदी ने की काशी विश्वनाथ मंदिर में पूजा, कॉरीडोर का शिलान्यास किया
किसी ने सोचा भी नहीं था कि जिस बीजेपी और योगी आदित्यनाथ के जमुना निषाद इतने बड़े विरोधी रहे, उनकी पत्नी और बेटे बीजेपी का ही दामन थामन लेंगे. सपा से पिपराइच की पूर्व विधायक रहीं राजमती निषाद और अमरेन्द्र निषाद के बीजेपी ज्वाइन करने से तरह तरह की चर्चाएं हो रही हैं.
वहीं बीजेपी सीएम योगी के गढ़ में उन्हें गठबंधन के काट के रूप में बड़े हथियार के तौर पर इस्तेमाल करना चाहती है. ऐसे में यह तय है कि निषाद वोट बैंक दो खेमें में बंट जाएगा. गोरखपुर लोकसभा सीट पर इस कांटे की टक्कर में जीत गठबंधन की होगी या फिर इस सीट पर कमल खिलेगा, ये तो लोकसभा चुनाव परिणाम आने के बाद ही पता चलेगा.